धन्यवाद ज्ञापन की शुभ घड़ी में मैं रंजय कुमार पटेल आप सभी
विद्वत्-जनों को यथायोग्य सादर प्रणाम करते हुए सर्वप्रथम धन्यवाद ज्ञापित करता
हूं शिक्षा की उस अधिष्ठात्री देवी मां हंसवाहिनी का जिसके कि पावन प्रांगण में हम
सभी ज्ञान की सतत् साधना में संलग्न हैं। तदनन्तर मैं धन्यवाद ज्ञापित करता हूं
कार्यक्रम के संरक्षक एवं हमारे विश्वविद्यालय के यशस्वी नेतृत्वकर्त्ता परम्
आदरणीय प्रो. संजीव कुमार शर्मा, माननीय कुलपति महोदय, महात्मा गांधी केन्द्रीय विश्वविद्यालय, पूर्वी
चम्पारण, बिहार का जिनकी सस्नेह अनुमति की छाया में इस
एक दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन संभव हो सका। आदरणीय हम न केवल आपके
अध्यक्षीय उद्बोधन के लिए अपितु निरन्तर रूप से विश्वविद्यालय को एक नई दिशा देने के
लिए भी आपके प्रति समस्त विभाग की ओर से कृतज्ञता ज्ञापित करते हैं। इसी क्रम में मैं आभार प्रकट करता हूं कार्यक्रम के सह संरक्षक आदरणीय
प्रो. जी. गोपाल रेड्डी, माननीय प्रति कुलपति महोदय, महात्मा गांधी केन्द्रीय विश्वविद्यालय, पूर्वी
चम्पारण, बिहार का जिनकी शुभकामनाएं एवं आशीर्वचन न
केवल हमारे लिए बहुत मायने रखती हैं अपितु शैक्षिक कार्यक्रमों के पथ को भी सदैव
आलोकित करती रहती हैं। धन्यवाद ज्ञापन की विशिष्ट कड़ी के रूप में मैं
कृतज्ञता ज्ञापित करता हूं मुख्य अतिथि के रूप में देवतुल्य कार्यक्रम की शोभा
बढ़ाने वाले सम्माननीय प्रोफेसर वी. मुरलीधर शर्मा, माननीय कुलपति महोदय, राष्ट्रिय संस्कृत विश्वविद्यालय, तिरुपति, आंध्र प्रदेश का जिनका दुर्लभ एवं महनीय सान्निध्य तथा मार्गदर्शन न केवल
हमें अथवा विभाग को अपितु समस्त प्रतिभागियों को भी प्राप्त हुआ। आदरणीय आपने न केवल
अपने ज्ञान से हम सभी को अभिसिंचित किया है अपितु लाभान्वित भी किया है। आपका
सारस्वत व्याख्यान अत्यन्त सहज, सरल, सुधातुल्य एवं आनन्ददायी रहा। महोदय हमें आशा ही नहीं अपितु पूर्ण विश्वास
है कि आगामी दिनों में भी जब कभी हमें अथवा हमारे विभाग को आपके मार्गदर्शन की
आवश्यकता महसूस होगी तब आप सहज ही रूप में हमारे निवेदन को स्वीकार कर हमें
कृतार्थ करते रहेंगे। हृदय की इसी उत्कंठा के साथ माननीय आपका एक बार पुनः विभाग
की तरफ से, विश्वविद्यालय परिवार की तरफ से एवं समस्त
प्रतिभागियों की तरफ से भी बहुत-बहुत आभार! अगली कड़ी
के रूप में मैं धन्यवाद ज्ञापित करता हूं कार्यक्रम के निदेशक, विभाग के विभागाध्यक्ष एवं शिक्षा संकाय के अधिष्ठाता आदरणीय प्रो. आशीष
श्रीवास्तव महोदय का जिनके कि कुशल नेतृत्व में शिक्षा संकाय निरन्तर नवीन
बुलंदियों को स्पर्श कर रहा है। इसी
क्रम में मैं आभार प्रकट करता हूं कार्यक्रम के समन्वयक आदरणीय डॉ. मुकेश कुमार
महोदय, सह
प्राध्यापक, शैक्षिक अध्ययन विभाग का जिनका कि महनीय
मार्गदर्शन हमें प्राप्त हुआ। अगले सोपान के रूप में
मैं कृतज्ञता ज्ञापित करता हूं वेबिनार की संयोजिका आदरणीया डॉ. मनीषा रानी महोदया, सहायक प्राध्यापिका, शैक्षिक अध्ययन विभाग का
जिनके कि सतत् सान्निध्य एवं कुशल दिशा-निर्देश में इस कार्यक्रम की समग्र
रूप-रेखा का सृजन किया गया।इन्हीं के साथ आयोजन समिति की सदस्या आदरणीया डॉ. रश्मि
श्रीवास्तव महोदया, सहायक प्राध्यापिका, शैक्षिक अध्ययन विभाग एवं सदस्य डॉ. पॉथलोथ ओमकार महोदय, सहायक प्राध्यापक, शैक्षिक अध्ययन विभाग का भी
हार्दिक आभार! तदनन्तर मैं विशेष धन्यवाद ज्ञापित करता
हूं देश के विभिन्न राज्यों के भिन्न-भिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के उन विभिन्न
व्यक्तित्वों का जिनकी सतत् रूप से सक्रिय सहभागिता इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों
के रूप में बनी हुई है। प्रिय प्रतिभागियों! आप सभी की उपस्थिति न केवल आयोजन
समिति की दृष्टि से अपितु विभाग एवं विश्वविद्यालय परिवार की दृष्टि से भी सराहनीय, वन्दनीय एवं अभिनंदनीय है। अतः आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद। तत्पश्चात् मैं सत्र संचालनकर्त्ता श्रीमान् गणेश शुक्ल एवं सुश्री
इंदुबाला, मंगलाचरण एवं स्वागत वक्तव्य प्रस्तुतकर्त्री
स्नेहिल सुप्रभा डे, कार्यक्रम सुगमकर्त्ता श्रीमान्
अंगद कुमार सिंह, श्रीमान् सुनील कुमार दूबे, श्रीमान् मनीष कुमार, सुश्री सविता कुमारी, श्रीमती आलोकिता विशाल, अनुज आनंद तथा विभाग के
अन्य सभी शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों के प्रति भी कृतज्ञता ज्ञापित करता हूं
जिनके कि अपेक्षित सहयोग के बिना इस कार्यक्रम का आयोजन हरगिज संभव नहीं था।
अंततोगत्वा एक बार पुनः आप सभी महानुभावों का बहुत-बहुत धन्यवाद! आभार!!
*रंजय कुमार पटेल,
शोधार्थी, शैक्षिक
अध्ययन विभाग, शिक्षा संकाय,
महात्मा गांधी केन्द्रीय विश्वविद्यालय, पूर्वी चम्पारण, बिहार।