समस्त आदरणीय, समादरणीय, अग्रज एवं अनुज साथियों को यथा योग्य
प्रणाम! मैं रंजय कुमार पटेल, महाविद्यालय के अंतर्गत बी.ए.
ऑनर्स (संस्कृत) पाठ्यक्रम सत्र: 2008-11 का विद्यार्थी रहा हूं। वर्तमान समय में मैं प्रखण्ड शिक्षक (स्नातक)
संस्कृत, मध्य विद्यालय, कमतौल, जाले प्रखण्ड, जिला दरभंगा, बिहार राज्य के अंतर्गत
कार्यरत हूँ। इसी के साथ मैं शैक्षिक अध्ययन विभाग, शिक्षा
संकाय, महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी, पूर्वी चंपारण, बिहार
में पी-एच.डी. शिक्षाशास्त्र सत्र: 2019-20 का अध्ययनरत
शोधार्थी हूं। निश्चित् रूप से यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि महाविद्यालय परिवार पूर्व
विद्यार्थी महोत्सव 2022-23 का आयोजन कर रहा है। इसके लिए महाविद्यालय परिवार के वे
सभी सदस्य धन्यवाद के पात्र हैं, जो कि इस आयोजन में संलग्न
हैं। मैं गौरवान्वित होने के साथ ही साथ कृतज्ञता ज्ञापित करता हूं उन सभी आत्मीय
अपनों का जिन्होंने कि मुझे इस महाविद्यालय परिवार का एक अभिन्न अंग बनाया तथा
मुझे कुछ नया सीखने के लिए सुअवसर प्रदान किया। इसी के साथ हम आजीवन ऋणी एवं
नतमस्तक हैं संस्कृत विभाग का, जिस आंगन के हम एक अनमोल
पुष्प सिद्ध हुए। महाविद्यालय के प्रति मेरी यह शुभकामना है कि इसका प्रत्येक
विभाग एवं प्रत्येक सदस्य प्रगति के पथ पर निरंतर अग्रसर हों। महाविद्यालय के साथ
ही इसके सभी विभाग अपने-अपने अनूठे कार्यों एवं महनीय योगदानों के लिए वैश्विक
स्तर पर अपनी पहचान बनाने में समर्थ हो सकें। हृदय की इसी आह्लादकता व उत्कंठा के
साथ मैं व्यक्तिगत तौर पर महाविद्यालय परिवार के किसी भी सदस्य के लिए यथा अवसर व यथा
स्थान यत्किंचित् रूप में सहयोग कर सकूं अथवा काम आ सकूँ यह मेरा परम् सौभाग्य
होगा। अंततोगत्वा मैं बस यहीं अभिव्यक्त करना चाहूँगा कि-
· सह नाववतु...
अपरंच
· सर्वे भवन्तु…
असीम संभावनाओं व
शुभकामनाओं के साथ आप सभी को एक बार पुनः प्रणाम! धन्यवाद!
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