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Friday, 16 December 2022

समय प्रबन्धन

 

शोध शीर्षक

उच्च माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों के संस्कृत शिक्षण हेतु नवाचारी रचनावादी प्रतिमान का विकास एवं इसकी प्रभावशीलता का अध्ययन

1.     पूर्व में निर्धारित शोधार्थी द्वारा सम्भावित समय प्रबन्धन-   

उक्त शोध अध्ययन हेतु शोधार्थी द्वारा पूर्व में कुल 3 वर्षों के समय को ध्यान में रखकर उचित रूप में सम्भावित समय प्रबन्धन निम्नलिखित रूपों में अभिव्यक्त किया गया था-

क्र. सं.

अध्याय का नाम

सम्बन्धित कार्य

वर्तमान में कार्य की स्थिति

अपेक्षित समय

शोध निर्देशिका की टिप्पणी

1.

प्रथम अध्याय

प्रस्तावना सम्बन्धी कार्य

90%

1 वर्ष

 

2.

द्वितीय अध्याय

सम्बन्धित साहित्य की समीक्षा

90%

6 माह

 

3.

तृतीय अध्याय

योजना एवं क्रिया विधि

20%

6 माह

 

4.

चतुर्थ अध्याय

प्रदत्तों का संकलन एवं निर्वचन

-

6 माह

 

5.

पंचम अध्याय

निष्कर्ष एवं सुझाव

-

6 माह

 

 

 

 

2.     वर्तमान में निर्धारित शोधार्थी द्वारा सम्भावित समय प्रबन्धन-   

शोधार्थी द्वारा वर्तमान में अगले 01 वर्ष के समय को ध्यान में रखकर उचित रूप में सम्भावित समय प्रबन्धन निम्नलिखित रूपों में अभिव्यक्त किया जा रहा है-

क्र. सं.

अध्याय का नाम

सम्बन्धित कार्य

अपेक्षित समय

1.

तृतीय अध्याय

सैद्धान्तिक आधार लेखन सम्बन्धी कार्य

1 माह  

 

 

 

2.

 

 

 

 

चतुर्थ अध्याय

·      शोध उपकरण निर्माण सम्बन्धी कार्य

Ø अवलोकन अनुसूची

Ø नवाचारी रचनावादी प्रतिमान

Ø प्रतिक्रिया मापनी

Ø पाठ योजना का विकास

3 माह

·      मार्गदर्शी अध्ययन हेतु प्रदत्त संकलन एवं संस्कृत उपलब्धि परीक्षण का मानकीकरण

2 माह  

·      योजना एवं क्रिया विधि लेखन सम्बन्धी कार्य

2 माह

3.

पंचम अध्याय

प्रदत्तों का संकलन एवं निर्वचन सम्बन्धी कार्य

3 माह

4.

षष्ठ अध्याय

निष्कर्ष एवं सुझाव

3 माह

 

 

 

 

 

 

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