शोध शीर्षक
उच्च माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों के संस्कृत शिक्षण
हेतु नवाचारी रचनावादी प्रतिमान का विकास एवं इसकी प्रभावशीलता का अध्ययन
1. पूर्व में निर्धारित शोधार्थी द्वारा सम्भावित समय प्रबन्धन-
उक्त शोध अध्ययन हेतु शोधार्थी द्वारा पूर्व में कुल 3
वर्षों के समय को ध्यान में रखकर उचित रूप में सम्भावित समय प्रबन्धन
निम्नलिखित रूपों में अभिव्यक्त किया गया था-
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क्र. सं. |
अध्याय का नाम |
सम्बन्धित कार्य |
वर्तमान में कार्य की स्थिति |
अपेक्षित समय |
शोध निर्देशिका की टिप्पणी |
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1. |
प्रथम अध्याय |
प्रस्तावना सम्बन्धी कार्य |
90% |
1 वर्ष |
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2. |
द्वितीय अध्याय |
सम्बन्धित साहित्य की समीक्षा |
90% |
6 माह |
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3. |
तृतीय अध्याय |
योजना एवं क्रिया विधि |
20% |
6 माह |
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4. |
चतुर्थ अध्याय |
प्रदत्तों का संकलन एवं निर्वचन |
- |
6 माह |
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5. |
पंचम अध्याय |
निष्कर्ष एवं सुझाव |
- |
6 माह |
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2. वर्तमान में निर्धारित शोधार्थी द्वारा सम्भावित समय प्रबन्धन-
शोधार्थी द्वारा वर्तमान में अगले 01 वर्ष के समय को
ध्यान में रखकर उचित रूप में सम्भावित समय प्रबन्धन निम्नलिखित रूपों में अभिव्यक्त
किया जा रहा है-
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क्र. सं. |
अध्याय का
नाम |
सम्बन्धित
कार्य |
अपेक्षित समय |
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1. |
तृतीय अध्याय |
सैद्धान्तिक आधार लेखन सम्बन्धी
कार्य |
1 माह |
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2. |
चतुर्थ अध्याय |
·
शोध उपकरण निर्माण सम्बन्धी कार्य Ø
अवलोकन अनुसूची Ø
नवाचारी रचनावादी प्रतिमान Ø
प्रतिक्रिया मापनी Ø
पाठ योजना का विकास |
3 माह |
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·
मार्गदर्शी अध्ययन हेतु प्रदत्त संकलन एवं संस्कृत उपलब्धि परीक्षण का
मानकीकरण |
2 माह |
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·
योजना एवं क्रिया विधि लेखन सम्बन्धी कार्य |
2 माह |
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3. |
पंचम अध्याय |
प्रदत्तों का संकलन एवं निर्वचन
सम्बन्धी कार्य |
3 माह |
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4. |
षष्ठ अध्याय |
निष्कर्ष एवं सुझाव |
3 माह |
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