माननीय मंत्री महोदया तक मेरा प्रणाम पहुंचे।
निश्चित् रूप से माननीय महोदया के द्वारा लोकसभा में अद्भुत एवं अद्वितीय विचारों
को अभिव्यक्त किया गया है तथा राष्ट्र के शोषितों, वंचितों
एवं पिछड़े वर्ग के प्रति उनकी चिन्ताएं भी स्वाभाविक ही हैं। राष्ट्रहित की
दृष्टि से उनकी सभी मांगें जायज, प्रासंगिक एवं स्वीकार करने
योग्य हैं। उनके द्वारा अभिव्यक्त सभी आंकड़े विभिन्न हिस्सों की त्रासदी, शोषण एवं भ्रष्टाचार से संबंधित हैं। ऐसा कोई क्षेत्र अथवा स्थान नहीं है
जहां पर कि किसी व्यक्ति विशेष, जाति विशेष, वर्ग विशेष अथवा धर्म विशेष के लोगों का बोलबाला न हो। निश्चित् रूप से
संविधान का उल्लंघन दीर्घकाल से होता चला आ रहा है। कहने को तो हमारे देश में
लोकतंत्र शासन प्रणाली है, किन्तु वास्तव में ऐसा दिखाई नहीं
देता। निरन्तर कहीं पर इंसानियत का गला घोंटा जा रहा है तो कहीं पर मानवता शर्मसार
हो रही है। अफ़सोस की बात तो यह है कि आदर्श राजनीति की झलक अब कहीं पर भी दिखाई
नहीं देती। वास्तव में आदर्श राजनीति तो जाति, धर्म, वर्ग, क्षेत्र इत्यादि से ऊपर उठकर नेतृत्व करने की
एक आदर्श शैली है। जाति प्रथा को यदि समाप्त करना है तो अन्तरजातीय विवाह को
प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए तथा वर्गभेद को यदि समाप्त करना है तो अन्तरवर्गीय
विवाह को भी प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए अन्यथा इसके अभाव में यह सामाजिक बुराई
अनादि काल से प्रारम्भ होकर अनन्त काल तक बनी रहेगी और अनेकानेक जिंदगियाँ इसी तरह
से नफ़रत की आग में पलती रहेंगी। अब समय आ गया है कि इन सभी समस्याओं के स्थायी
समाधान की ओर कदम बढ़ाया जाए। हालांकि सत्ता की उच्च बुलंदियों तक पहुंचना आसान
नहीं है तथापि अगर मजबूत इरादें, दृढ़ निश्चय, लोक कल्याण की भावना, राष्ट्र निर्माण की भावना,
संगठनकर्त्ता, नागरिकों का सच्चा नायक एवं एक
आदर्श राजनेता बनकर काम किया जाए तो यह सफर आसान हो सकता है। संगठन को विस्तार
देने के लिए युवाओं को अधिक से अधिक रूप में शामिल किया जाए एवं उन्हें संबंधित
पार्टी का सामाजिक कार्यकर्त्ता घोषित किया जाए। इस बीच समस्त अधिनस्थों का यथावसर
अपेक्षित सहयोग उच्च गणमान्यों के द्वारा निरन्तर किया जाना चाहिए। पार्टी में
छोटे कार्यकर्त्ता से लेकर बड़े कार्यकर्त्ता तक सभी का उचित सम्मान हो तथा किसी
का तिरस्कार भूल से भी नहीं किया जाना चाहिए। किसी एक व्यक्ति के भी अंतर्मन में
उपजा हुआ हीनता अथवा बदले का भाव पूरी पार्टी की अस्मिता पर आंच ला सकता है। अब
समय आ गया है कि राजनीतिक कार्यकर्त्ता स्मार्ट सिटी की जगह स्मार्ट गांव की
संकल्पना की ओर विचार मंथन करें। इसी के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य,
रोजगार, सड़क, पेय जल,
वर्षा जल निकासी, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र,
आदर्श विद्यालय, तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा,
उच्च सुविधाओं से युक्त अस्पताल, परिवहन की
सुविधा, इंटरनेट की पहुंच, खेल के
मैदान, विभिन्न उत्सवों का आयोजन इत्यादि अनेकानेक सन्दर्भों
को ध्यान में रखकर भी राष्ट्र निर्माण का कार्य करते हुए आदर्श राजनीति की
संकल्पना को साकार किया जा सकता है। इसके साथ ही साथ अधिकाधिक रूप में विभिन्न
क्षेत्रों से संबंधित रैलियों के आयोजन, जन संवाद
कार्यक्रमों के आयोजन, जनता दरबार का आयोजन, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं के साथ निरन्तर बैठक या सम्पर्क, टेली कांफ्रेंसिंग एवं सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों के द्वारा भी
संगठन एवं पार्टी को अत्यधिक रूप में विस्तार दिया जा सकता है। इसके अतिरिक्त
स्थानीय समाचार पत्रों एवं न्यूज चैनलों के विभिन्न प्रतिनिधियों को विश्वास में
लेकर आदर्श राजनीति एवं राष्ट्र निर्माण के सच्चे सन्दर्भों में अपने विचारों का
प्रचार-प्रसार किया जा सकता है। हालांकि कहने के लिए तो अपने पास बहुत कुछ है,
लेकिन हर किसी की अपनी मर्यादा होती है। वैसे भी आप जैसे अनुभवी एवं
राजनीतिवेत्ताओं के समक्ष यत्किंचित् कह पाना हमारे लिए छोटा मुंह, बड़ी बात हो सकती है। हमारे द्वारा अभिव्यक्त कोई भी विचार यदि आपको आहत
करे तो उसके लिए मैं क्षमाप्रार्थी हूं। अन्ततोगत्वा मैं बस यहीं कहना चाहूंगा कि माननीय
मंत्री महोदया का राजनैतिक सफर और भी अधिक यशश्वी एवं महिमा मंडित हो। सभी
अधिनस्थों एवं नागरिकों के बीच उनकी लोकप्रियता का सर्वाधिक प्रचार-प्रसार हो।
सत्ता की उच्च बुलंदियों को यथाशीघ्र गौरवान्वित करें। हृदय की इन्हीं उत्कंठा एवं
विचारों के साथ मैं यत्किंचित् रूप में क्षमता अनुसार यथावसर माननीय मंत्री महोदया
के दल विशेष, संगठन विशेष अथवा किसी कार्यकर्त्ता विशेष के
लिए कभी काम आ सकूं तो यह मेरा परम् सौभाग्य होगा।
असीम संभावनाओं एवं शुभ कामनाओं के साथ आपका
अपना एक अनुज!
*रंजय कुमार पटेल
पी-एच.डी. शोधार्थी,
शैक्षिक अध्ययन विभाग, शिक्षा संकाय,
महात्मा गांधी केन्द्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी, पूर्वी चंपारण, बिहार-
845401.
Mob. 9451109964 & 7355738854 (Whatsapp & Telegram)
Email: sagarranjay@gmail.com
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